Chapter 164
आस्तिक का वजूद ही नहीं है
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अरुणिमा पार्टी हाल में एंटर करती ही है कि उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है। उसे सामने ही साकेत नजर आया था, जो अपने हाथों में वाइन का गिलास लेकर अरुणिमा से मिलते हुए कहता है—"