Chapter 374
अब अगर तुम्हारी फैमिली ने ज्यादा नाटक किया, तो यहीं से तुम्हें उठाकर ले जाऊँगा।"
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
ठाकुर हवेली में बड़े-बड़े शगुन की टोकरियाँ और थाल तैयार की गई थीं और सब लोग एक साथ वहाँ आ गए थे। कस्तूरी अपनी बनारसी कांजीवरम साड़ी को सही करते हुए कमरे से बाहर आती है और टेबल पर आ