Chapter 289
जिंदगी बर्बाद करने के बहुत से रास्ते थे, पर मैंने शादी को चुना!"
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कृष गुस्से में कहता है, "हां, क्योंकि मैं डॉक्टर नहीं हूं... नहीं आता है मुझे मरहम-पट्टी करना! और आइंदा से अगर तुम घायल हुईं तो देखना, तुम्हारी जख्मों पर नमक छिड़क दूंगा!"