Chapter 364
कल कृष और मनस्वी का डिवोर्स हो जाएगा
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लेकिन तभी वहाँ पर धानी और ज़ेन आ जाते हैं, जिनकी पूजा पूरी हो चुकी थी। धानी ने कहा: "अरे कृष, तुम आ गए, चलो अच्छा है। मनस्वी, बेटा, तुमने कृष की आरती कर दी?" धानी ने पूछा तो मनस्वी