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Chapter 303

तुम मुझे सू करो, इससे पहले मैं तुम्हें सू कर दूँगा।"

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"रुको वहीं पर!" जैसे ही कृष ने ये कहा, मनस्वी के कदम रुक जाते हैं और वो डर जाती है। ये सोचकर की कहीं कृष यहीं बाहर ही उसको डाँट लगाना न शुरू कर दे। वैसे भी रात का समय है

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