Chapter 145
ज़ेन को मार कर ही मानेगी
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दादाजी, बड़े दादाजी, रागिनी और विहान सब हॉस्पिटल आ चुके थे और सब बहुत परेशान थे। धानी भी उन सबके साथ थी, लेकिन सबके बीच होते हुए भी वो सबकी नज़रों से बाहर थी। धानी की तो हालत बहुत