Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 75

The Mafia's Innocent Lover - Chapter 75

दो दिन बाद कल नव्या को लंडन जाना था, घर में सब लोगों को यह बात बता दी थी, उसके जाने से सब लोग उदास थे पर खुश भी थे कि वो अपने पैरों पर खड़े होना चाहती है , अपना नाम बनाना चाहती है,  नाश्ते के बाद सब लोग हॉल में बैठे बातें कर रहे थे , नव्या सबके बीच बैठे सबसे हंस हंस कर बातें कर रही थे,

वहीं ऊपर के फ्लोर पर खड़ा सत्यम एकटक नीचे सबके पास बैठी नव्या को एकटक देख रहा था, जो सबसे बातें करते हुए कभी खिलखिलाकर हंसती तो कभी मुस्कुराती, उसे मुस्कुराते देख सत्यम के चेहरे पर भी मुस्कान आ जाती,

तभी किसी ने उसके कंधे पर हाथ रखा, सत्यम ने नव्या से नजरें हटाकर अपने पास देखा तो आकाश उसके कंधे पर हाथ रख नीचे देख रहा था, वो सबको देखते हुए सत्यम से बोला

आकाश:- तू शोर्य है कि तू नव्या को लंदन भेजना चाहता है,

सत्यम ने कुछ नहीं कहा उसकी नजरें तो बस अपनी जाना पर टिकी हुई थी, आकाश ने सत्यम की तरफ देखा जो एकटक नव्या को देख रहा था, वो कुछ कह नहीं रहा था पर आकाश जानता था कि वो उदास है, वो एक पल भी अपनी जाना के बिना नहीं रहता था, उसके आने से पहले तक वो पूरा पूरा दिन और कभी कभी तो रातों को भी घर नहीं आता था, पर जबसे नव्या उसकी जिंदगी में आई थी तब से सत्यम ही था जिसे सबसे ज्यादा जल्दी रहती थी घर वापिस आने की और अपनी जाना को देखने की,

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
75 / 80
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.