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Chapter 31

The Mafia's Innocent Lover - Chapter 31

सत्यम की गाड़ी एक जोरदार आवाज के साथ राठौड़ मेंशन के अन्दर रुकी, वो गाड़ी से बाहर निकला और तेज कदमों के साथ अन्दर की तरफ भागा, पूरे रास्ते वो बस बेचैन सा गाड़ी चलाते आ रहा था, उसने अविनाश जी को फोन कर पूछा भी कि क्या हुआ है, पर उन्होंने बस इतना कह कर फ़ोन रख दिया कि तुम जल्दी घर आ जाओ,

सत्यम ने नव्या को भी फोन लगाया पर उसने फोन उठाया ही नहीं, उसका दिल किसी अनहोनी से डर रहा था, वो जल्दी से अपने रुम की तरफ भागा, अन्दर जाकर उसने देखा कि नव्या बेड पर बेजान सी लेटी हुई है, उसके साथ पर पट्टी की हुई थी, और एक हाथ में ड्रिप लगी हुई थी,

अखिलेश जी उसके पास बैठे हुए थे और अविनाश जी सामने सोफे पर बैठे हुए थे, सत्यम भाग कर नव्या के पास गया और बैड पर उसके पास बैठ उसके हाथ को अपने हाथ में लेते हुए बोला

सत्यम:- क्या हुआ प्रिंसेस को और यह... यह चोट.. चोट कैसे लगी,

उसकी आवाज अटक रही थी, अपनी जाना को ऐसे देख उसके दिल में एक दर्द सा हो रहा था, उसने देखा सुबह तक जो चेहरा शर्म से लाल हो रहा था उसके सामने अब वो चेहरा पीला पड़ गया था और होंठ भी सूख गए थे,

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