Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 58

The Mafia's Innocent Lover - Chapter 58

सभी तैयार हो कर गार्डन में आ चुके थे, शिवी को प्रिया ने वहां बनी स्टेज पर बिठा दिया था , प्रिया और नव्या शिवी के साथ ही थी ,

राहुल और आकाश भी वही बैठे अपनी अपनी वाली को देख रहे थे, देख क्या ताड़ रहे थे, यहां शिवी ने हरे रंग का लहंगा पहना था, वहीं प्रिया ने हल्के हरे रंग की साड़ी पहनी थी, बालों को खुला छोड़, कानों में बड़े बड़े झुमके, आंखों में काजल जो उसकी मोटी मोटी आंखों को और भी सुंदर बना रहा था, होंठों पर रेड लिपस्टिक, आकाश तो उसे ऐसे देख सांस लेना ही भूल गया था,

प्रिया ने आकाश की तरफ देखा जो आंखों में बेहिसाब प्यार लिए उसे देख रहा था, उसकी नज़रों की इंटेंसिटी देख प्रिया की नज़रें झुक गई, गाल शर्म से लाल हो गए, उसे ऐसे देख आकाश मुस्करा दिया, वहीं कोई था जो दोनों को ऐसे देख गुस्से और नफ़रत से जल रहा था, जी हां आप सब समझ ही गए होंगे कि मैं किसकी बात कर रही हूं सही पकड़े मोहिनी, खैर इसको जाने दो हमारे दूसरे कपल को देखते हैं,

राहुल एकटक शिवी को देख रहा था, वहीं शिवी भी उसकी आंखों में खोई हुई थी, दोनों को अपने आसपास क्या हो रहा है इसका लेना देना नहीं था,

वहीं आकाश और प्रिया जो उनके पास बैठे थे दोनों को ऐसे देख मुस्कुरा दिए, आकाश और प्रिया ने ना में गर्दन हिलाई और राहुल और शिवी को कंधों से पकड़ हिलाया, फिर जाकर कहीं दोनों होश में आए,

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
58 / 80
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.