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Chapter 18

The Mafia's Innocent Lover - Chapter 18

आज सन्डे था राघव अभी तक सो रहा था, वहीं उसके ऊपर उसकी जाना उसे अपनी पर्सनल प्रोपर्टी समझ कर सो रही थी, खिड़की से आती धूप की वजह से नव्या की नींद खुलने लगी तो उसने सत्यम के सीने में अपना चेहरा और ज्यादा छुपा लिया,

सत्यम ने भी उसे अच्छी तरह अपनी बाहों में छुपा लिया, वैसे तो सत्यम कम ही सोता था पर अब उसकी जाना के साथ उसे एक सुकून मिलता था तो वो सुकून से उसे अपनी बाहों में भर सोता था,

नव्या की नींद खुल चुकी थी, वो सत्यम के ऊपर थी जिसने उसे अपनी बाहों में भर रखा था,

नव्या अपना चेहरा ऊपर कर सत्यम को देख रही थी जो उठने का नाम ही नहीं ले रहा था, आज उसने नव्या को प्रोमिस किया था कि वो उसे आज घुमाने लेकर जाएंगे, नव्या जब देखा कि सत्यम उठ ही नहीं रहा है तो वो उठकर उसके पेट पर बैठ गई,

उसके पैर इस टाइम सत्यम के इर्द गिर्द बैड पर थे,  वो सत्यम के ऊपर झुकी हुई थी, उसका चेहरा सत्यम के चेहरे के बहुत पास था, उसने सत्यम के चेहरे को गौर से देखा जो सोते हुए बिल्कुल एक मासूम बच्चे की तरह लग रहा था, सत्यम को ऐसे देख नव्या के चेहरे पर एक स्माइल आ गई,

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