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Chapter 39

The Mafia's Innocent Lover - Chapter 39

कुछ टाइम बाद सत्यम ने अपनी आंखें खोली तो देखा कि उसकी जाना उससे चिपक कर सो रही है, उसके चेहरे पर पहले वाली खुशी नहीं थी, चेहरा भी उतरा हुआ था, गालों पे आंसूओं के निशान थे, उसे ऐसे देख सत्यम को बहुत बुरा लगता है,

वो उसके माथे पर अपने होंठ रख देता है, पर वो अपने होंठ हटाता नहीं बस लगातार धीरे धीरे नव्या के माथे को चुमाता रहता है, कुछ टाइम बाद वो उसे अपने से अलग कर अच्छे से लेटा देता है और उसे अच्छे से ब्लैंकेट ओढ़ा कर कपड़े लेकर बाथरूम में चला जाता है,

कुछ टाइम बाद वो एक दम माफिया लुक में रेडी था, अपनी जाना के गुनहगारों को सजा देने के लिए, उसके शिवी को फोन किया और अपने रुम में आने के लिए बोला, और खुद नव्या की तरफ बढ़ गया, उसने एक बार और नव्या माथा चूमा और धीरे से उसके होंठों को छू लिया और शिवी को उसके पास छोड़कर वो खुद अपनी गाड़ी लेकर निकल गया,

लगभग आधे घंटे बाद वो अपने डार्क हाऊस में था, सत्यम गाड़ी से बाहर निकला और अन्दर की तरफ बढ़ गया जो एक टोर्चर रूम था, अन्दर से जोर जोर से चिलाने की आवाजें आ रही थी जैसे किसी को बेरहमी से मारा जा रहा हो,

सत्यम अन्दर जाकर वहां रखे एक सोफे पर बैठ जाता है जो सिर्फ उसके लिए था,  अन्दर राहुल और प्रिया आदिश और सोना को बहुत बेरहमी से मारा रहे थे, आकाश भी वही रखें एक सोफे पर बैठा हुआ था,

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