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Chapter 59

The Mafia's Innocent Lover - Chapter 59

सत्यम नव्या को रुम में लेकर आया और धीरे से बेड पर लिटा दिया, उसने नव्या के हाथों को सम्भाल कर बेड पर ऐसे रखा जिससे उसकी मेहंदी खराब ना हो, सत्यम वहीं बैठ कर उसके चेहरे को देखने लगा, नव्या को सोता हुआ मासूम चेहरा देख सत्यम मुस्कुराया और बोला

सत्यम:- सोचा नहीं था कभी मैं भी यह खुशियां इंजोए कर पाऊंगा, मैंने तो हमेशा अपने काम से ही मतलब रखा है, पर तुम्हारी वजह से यह खुशियां मेरे जीवन में भी आई है, थैंक्यू सो मच जाना मेरी ज़िन्दगी में आने के लिए, मुझे इन खुशियों से रूबरू करवाने के लिए, कभी सोचा नहीं था किसी से प्यार होगा मुझे पर तुम्हारी मासूमियत के आगे यह माफिया भी हार गया, तुमसे इतना प्यार हो गया है जाना कि अब तुम्हारे बिना जीने के बारे में सोच भी नहीं सकता और न सोचना चाहता हूं, बस तुमसे प्यार और ढेर सारा प्यार करना चाहता हूं, हमेशा तुम्हारे साथ रहना चाहता हूं, तुम्हें अपने पास , बेहद पास रखना चाहता हूं, इतना कि मेरे बिना कोई तुम्हें देख तक न सके,

यह बोल सत्यम ने प्यार से नव्या का माथा चूम धीरे से उसके होंठों को छुआ और पीछे हो गया, सत्यम ने देखा कि नव्या उस गाऊन में बिल्कुल कंफर्टेबल नहीं है सोने में, यह देख सत्यम उठा और अलमारी में से अपनी एक टीशर्ट ले आया, उसने धीरे से नव्या को कमर से पकड़ ऊपर उठाया और उसके गाउन की ज़िप खोल दी,

सत्यम ने धीरे से नव्या के गाउन को उससे अलग किया और उसे अपनी टीशर्ट पहना दी, फिर सत्यम ने नव्या का माथा चूमा और उसे ब्लैंकेट उड़ा कर खुद भी कपड़े चेंज कर उसके पास ही बैठ लैपटॉप पर अपना काम करने लगा,

नव्या आराम से सो रही थी और सत्यम अपना काम करते करते बीच बीच में नव्या को देख लेता,

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