Chapter 325
तलब तेरे प्यार की(Season 2) - Chapter 325
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"तुम अपनी ज़िंदगी में खुश रहो, बस इतनी ही चाहत है मेरी। अगर मेरे हाथ में होता तो मैं तुम्हें कभी ये सब पता नहीं चलने देता, क्योंकि मैं जानता हूँ कि तुम ये एक्सेप्ट नहीं कर पाओ