Chapter 170
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 170
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शान ने उसको बड़े आराम से अपनी बात समझाई और फिर चुप हो गया। उसकी बातें सुनकर कंचन सोच में पड़ गई। जानवी भी शान की बात से इत्तेफ़ाक़ रखती थी। उसने भी उसकी बात का समर्थन करते हुए कहा,