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Chapter 232

"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 232

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"सॉरी वीर, अब माफ़ भी कर दीजिए, अपनी इतनी सीधी-सी पत्नी को इतना तड़पाना भी ठीक नहीं है। मैंने कहा ना, गलती हो गयी मुझसे, बस इस बार माफ़ कर दीजिए, आगे से मैं आपको गुस्सा होने का मौक

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