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तलब तेरे प्यार की
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तड़प है, प्यार है… तेरे इश्क़ की तलाश है।
"Ms. कंचन राणा, कब तक मुझसे दूर भागती रहोगी?
तुम्हारी ज़िंदगी के सभी रास्ते अब तुम्हें मेरे पास लेकर आएंगे।
बहुत बड़ी गलती कर दी तुमने...
जो मुझे, वीर प्र...
"Ms. कंचन राणा, कब तक मुझसे दूर भागती रहोगी?
तुम्हारी ज़िंदगी के सभी रास्ते अब तुम्हें मेरे पास लेकर आएंगे।
बहुत बड़ी गलती कर दी तुमने...
जो मुझे, वीर प्र...
तड़प है, प्यार है… तेरे इश्क़ की तलाश है।
"Ms. कंचन राणा, कब तक मुझसे दूर भागती रहोगी?
तुम्हारी ज़िंदगी के सभी रास्ते अब तुम्हें मेरे पास लेकर आएंगे।
बहुत बड़ी गलती कर दी तुमने...
जो मुझे, वीर प्रताप सिंह की मोहब्बत को, भरी महफ़िल में रुस्वा कर गयी।
अब मुझे तुम्हें अपना बनाने से कोई नहीं रोक सकता...
ख़ुद तुम भी नहीं…"
उस एक रात ने सब कुछ बदल दिया।
कभी जो इश्क़ था — अब वही जुनून है।
कभी जो दो दिलों के बीच रूहानी रिश्ता था — अब वो एक ख़तरनाक खेल बन चुका है।
वीर प्रताप सिंह — एक ऐसा नाम जिसे इश्क़ में हारना मंज़ूर नहीं।
और कंचन राणा — जिसने उसकी मोहब्बत को ठुकरा कर अपनी आज़ादी चुनी थी।
पर अब, हर रास्ता, हर मोड़, हर साँस…
कंचन को उसी मोहब्बत के घेरे में ला रही है, जिससे वो एक बार जान बचा चुकी थी।
पर क्या हर बार किस्मत उसके साथ होगी?
या इस बार वीर का जुनून…
उसकी ज़िंदगी को मोहब्बत नहीं, कोई तूफ़ान दे जाएगा…?
"तलब तेरे प्यार की" —
एक ऐसी कहानी जो मोहब्बत के नाम पर शुरू होती है…
पर इश्क़ की हदें पार कर जुनून और पागलपन में तब्दील हो जाती है।
"Ms. कंचन राणा, कब तक मुझसे दूर भागती रहोगी?
तुम्हारी ज़िंदगी के सभी रास्ते अब तुम्हें मेरे पास लेकर आएंगे।
बहुत बड़ी गलती कर दी तुमने...
जो मुझे, वीर प्रताप सिंह की मोहब्बत को, भरी महफ़िल में रुस्वा कर गयी।
अब मुझे तुम्हें अपना बनाने से कोई नहीं रोक सकता...
ख़ुद तुम भी नहीं…"
उस एक रात ने सब कुछ बदल दिया।
कभी जो इश्क़ था — अब वही जुनून है।
कभी जो दो दिलों के बीच रूहानी रिश्ता था — अब वो एक ख़तरनाक खेल बन चुका है।
वीर प्रताप सिंह — एक ऐसा नाम जिसे इश्क़ में हारना मंज़ूर नहीं।
और कंचन राणा — जिसने उसकी मोहब्बत को ठुकरा कर अपनी आज़ादी चुनी थी।
पर अब, हर रास्ता, हर मोड़, हर साँस…
कंचन को उसी मोहब्बत के घेरे में ला रही है, जिससे वो एक बार जान बचा चुकी थी।
पर क्या हर बार किस्मत उसके साथ होगी?
या इस बार वीर का जुनून…
उसकी ज़िंदगी को मोहब्बत नहीं, कोई तूफ़ान दे जाएगा…?
"तलब तेरे प्यार की" —
एक ऐसी कहानी जो मोहब्बत के नाम पर शुरू होती है…
पर इश्क़ की हदें पार कर जुनून और पागलपन में तब्दील हो जाती है।
Chapter
441
Words
845.8K
Updated
8 hrs ago
Published
Apr 06, 2025
Published Chapters
तलब तेरे प्यार की - Chapter 1
Free
तलब तेरे प्यार की - Chapter 2
Free
तलब तेरे प्यार की - Chapter 3
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 4
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 5
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 6
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 7
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 8
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 9
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 10
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 11
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 12
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 13
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 14
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 15
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 16
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 17
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 18
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 19
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 20
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 21
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 22
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 23
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 24
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"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 25
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 26
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 27
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"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 28
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"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 29
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"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 30
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"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 31
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"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 32
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"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 33
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"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 34
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"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 35
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"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 36
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 37
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"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 38
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 39
Free
"तलब तेरे प्यार की" - Chapter 40
Free
तड़प है, प्यार है… तेरे इश्क़ की तलाश है।
"Ms. कंचन राणा, कब तक मुझसे दूर भागती रहोगी?
तुम्हारी ज़िंदगी के सभी रास्ते अब तुम्हें मेरे पास लेकर आएंगे।
बहुत बड़ी गलती कर दी तुमने...
जो मुझे, वीर प्रताप सिंह की मोहब्बत को, भरी महफ़िल में रुस्वा कर गयी।
अब मुझे तुम्हें अपना बनाने से कोई नहीं रोक सकता...
ख़ुद तुम भी नहीं…"
उस एक रात ने सब कुछ बदल दिया।
कभी जो इश्क़ था — अब वही जुनून है।
कभी जो दो दिलों के बीच रूहानी रिश्ता था — अब वो एक ख़तरनाक खेल बन चुका है।
वीर प्रताप सिंह — एक ऐसा नाम जिसे इश्क़ में हारना मंज़ूर नहीं।
और कंचन राणा — जिसने उसकी मोहब्बत को ठुकरा कर अपनी आज़ादी चुनी थी।
पर अब, हर रास्ता, हर मोड़, हर साँस…
कंचन को उसी मोहब्बत के घेरे में ला रही है, जिससे वो एक बार जान बचा चुकी थी।
पर क्या हर बार किस्मत उसके साथ होगी?
या इस बार वीर का जुनून…
उसकी ज़िंदगी को मोहब्बत नहीं, कोई तूफ़ान दे जाएगा…?
"तलब तेरे प्यार की" —
एक ऐसी कहानी जो मोहब्बत के नाम पर शुरू होती है…
पर इश्क़ की हदें पार कर जुनून और पागलपन में तब्दील हो जाती है।
"Ms. कंचन राणा, कब तक मुझसे दूर भागती रहोगी?
तुम्हारी ज़िंदगी के सभी रास्ते अब तुम्हें मेरे पास लेकर आएंगे।
बहुत बड़ी गलती कर दी तुमने...
जो मुझे, वीर प्रताप सिंह की मोहब्बत को, भरी महफ़िल में रुस्वा कर गयी।
अब मुझे तुम्हें अपना बनाने से कोई नहीं रोक सकता...
ख़ुद तुम भी नहीं…"
उस एक रात ने सब कुछ बदल दिया।
कभी जो इश्क़ था — अब वही जुनून है।
कभी जो दो दिलों के बीच रूहानी रिश्ता था — अब वो एक ख़तरनाक खेल बन चुका है।
वीर प्रताप सिंह — एक ऐसा नाम जिसे इश्क़ में हारना मंज़ूर नहीं।
और कंचन राणा — जिसने उसकी मोहब्बत को ठुकरा कर अपनी आज़ादी चुनी थी।
पर अब, हर रास्ता, हर मोड़, हर साँस…
कंचन को उसी मोहब्बत के घेरे में ला रही है, जिससे वो एक बार जान बचा चुकी थी।
पर क्या हर बार किस्मत उसके साथ होगी?
या इस बार वीर का जुनून…
उसकी ज़िंदगी को मोहब्बत नहीं, कोई तूफ़ान दे जाएगा…?
"तलब तेरे प्यार की" —
एक ऐसी कहानी जो मोहब्बत के नाम पर शुरू होती है…
पर इश्क़ की हदें पार कर जुनून और पागलपन में तब्दील हो जाती है।
shama gupta
तलब तेरे प्यार की(Season 2) - Chapter 427 • 27 days ago
shama gupta
तलब तेरे प्यार की(Season 2) - Chapter 421 • 28 days ago
shama gupta
तलब तेरे प्यार की(Season 2) - Chapter 408 • 29 days ago
shama gupta
28 days ago
good👍
0 likes • तलब तेरे प्यार की(Season 2) - Chapter 421
shama gupta
29 days ago
good👍
0 likes • तलब तेरे प्यार की(Season 2) - Chapter 408No fan art available for this story yet.
so cute🥰🥰
0 likes • तलब तेरे प्यार की(Season 2) - Chapter 427