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Chapter 106

Gangster love story ( दर्द से मोहब्बत तक का सफर) - Chapter 106

शिवा जब कार की ओर गया तो उसे शिवांगी वहा नहीं दिखी, उसने इधर उधर देखा पर शिवांगी कही नज़र नहीं आई, शिवा परेशान सा हो गया था, उसके माथे की सिलवटें बता रही थी कि वो शिवांगी के लिए परेशान है, शिवा अपने वार्च से कुछ करता हुआ इधर उधर देखे जा रहा था कि उसकी नज़र एक और जाकर ठहर सी गई, शिवांगी पेडो़ के यहा खडी़ आसमान की ओर देखते हुए बारिश मे भीग रही थी, इस वक़्त इतनी खुबसूरत लग रही थी कि शिवा की नजरें तो बस उसके चेहरे पर ही ठहर गई थी, शिवांगी के चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कराहट थी, लो बहुत कम ही देखने को मिलती थी,  शिवा तो एक भी पल  शिवांगी से नज़र नही हटा पा रहा था, उसकी नज़र बस शिवांगी के उस बारिश में भीगते चेहरे पर ही थी, उसके नीचे देखने की भी जहमत शिवा ने नही की,  जाने कब तक शिवा शिवांगी को देखता रहा, वो वारई में किसी खीले फूल सी लग रही थी, चेहरे पर जो सुकून वाली मुस्कुराहट थी वो बहुत कम ही तो शिवा को देखने के लिए मिलती थी,

शिवा शिवांगी को देखते देखते किसी समोहन की तरह उसकी ओर बढने लगा,  शिवांगी अभी भी सभी चीजें से बेख़बर बस उस बारिश को महसूस करने लगी थी, शिवा शिवांगी के पीछे जा खड़ा हुआ,

बैग्राउड म्यूजिक

मेरी किस्मतों को मिले हाथ तेरे

फिर से लकीरें दिखने लगी

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