Chapter 105
Gangster love story ( दर्द से मोहब्बत तक का सफर) - Chapter 105
शिवा ओर शिवांगी अभी आधे रास्ते में ही थे, कार में खासा खामोशी थी, लेकिन शिवा को ये खामोशी भी सुकून दे रही थी,उसने फिर भी उस खामोशी में fm चालू कर दिया तो सफर का मजा ओर भी दिलकश हो गया था,
तुमने जो है माँगा तो
दिल ये हाज़िर हो गया
तुमको माना मंजिल और
मुसाफ़िर हो गया
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