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Chapter 102

Gangster love story ( दर्द से मोहब्बत तक का सफर) - Chapter 102

सार्थक गुस्से में  😡😡- बहुत बड़ी गलतफहमी है कि शिवा ने तुम्हारे भाई को मारा हैं ,  बल्कि शिवा ने उन रेपिस्ट को मारा हैं जिसने एक मासूम लड़की का रेप किया, उस दलाल को मारा हैं जो लड़कियो का सौदा कर उन्हें बेच रहा था, ओर कसाई जैसे भाई को मारा हैं जो भाई के नाम पर एक कलंक था जो अपनी खुद की बहन को बेचने पर उस ह***मी के चेहरे पर एक शिकन भी नहीं आई,

सार्थक की बात सुनकर मिराज को एक तेज झटका लगा, वो हैरान होकर सार्थक को देखने  लगा, ओर धीरे से बुदबुदाया बहन

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मिराज सार्थक की ओर देखकर -  तुम झूठ बोल रहे हो, मेरा भाई ऐसा नहीं कर सकता, वो तो कितना सीधा था वो कभी ऐसा कर ही नहीं सकता था, ओर बहन मेरी कोई बहन नहीं है, तुम मुझे अपनी बातो के जाल में फंसा नहीं सकते,

सार्थक हंसकर 😆😆-  किस गलतफहमी में जी रहे हो, हा किस गलतफहमी में, ( गुस्से में दाँत पीस कर) तुम जिसे भाई बोल रहे हो वो मेरी नजर में दुनिया का सबसे गिरा हुआ आदमी था जो ये जानते हुए भी कि जिन लडकियो का वो सौदा उस दिन कर रहा था उस मे से एक उसकी खुद की जुडवा बहन थी,  ओर जिसे तुम सीधा कह रहे हो कोई भी सीधा इंसान इस तरह की दोगली हरकर नहीं करता , ओर वो ऐसी हरकत करेगा ही आखिर उस कुलकर्णी की जो औलाद थी, खून तो उसी का था एक न एक दिन तो खून में उबाल आएगा ही, ओर रही बहन की बात तो हाँ तुम्हारे उस सीधे भाई की के जन्म के समय एक लड़की ने भी जन्म लिया था, लेकिन जब ये बात उस कुलकर्णी को पता चली तो उसने अपने घर में काम करने वाली नौकरानी को उस लड़की को मार देने के लिए कहा, लेकिन जब वो उस लडकी को मारने गई तो मार नहीं पाई, क्योंकि उनकी खुद कोई औलाद नहीं थी, इसलिए सब से झुपकर उन्होने उस लड़की को पाल पोस कर बडा़ किया लेकिन उस कुलकर्णी ने तुम्हारी माँ से झूक कहा कि दूसरा बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था, ओर तुम्हारी माँ तो जाने किस मिट्टी की थी उस आदमी पर अंधा विश्वास कर लिया, तुम तो खुश थे अपने भाई के आने पर लेकिन वहा का माहौल देखकर तुम वहा से चले गए, ओर फिर कई सालो बाद ये बात आशा ताई ने तुम्हारी माँ के सामने आई कि उसकी एक बेटी है ,ओर उनसे झूठ बोला गया कि उनका एक बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ, ओर उसी दिन ये भी पता चला कि तुम्हारे पिता को मारने वाला शख्स भी वही है उस दिन तुम्हारी माँ के सामने कुलकर्णी का असली चेहरा दिखा, ओर जब तुम्हारी माँ ने पुलिस में जाने की धमकी दी तो उस कुलकर्णी ने तुम्हारी माँ को भी मार दिया, लेकिन तुम्हारी माँ के मरने से पहले उन्होने मुस्कान को आशा ताई से कह कर कही सुरक्षित जगह ले जाने को कहा लेकिन वो भी अपने जीवन की अंतिम घड़ी में थी तब उन्होने जन्नत आश्रम के बारे में सुना था, तो उन्होने मुस्कान को वही रहने के लिए कहा,  लेकिन कुलकर्णी को सब पता चल गया था ओर फिर उन्होने तुम्हारी माँ को मार दिया ओर आशा ताई को भी, ओर मुस्कान का किडनैप करवा लिया, ओर तुम्हारे उस सीधे भाई को जब पता चला कि वो उसकी खुद की सगी बहन है उसके बाद भी उसे कोई फर्क नहीं पडा़, ( सब जानने के लिए 20 से 21ओर 78 सार्थक का दर्द पडे़ )

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