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Chapter 180

कुबूल है🍁🍁 कुछ रिश्ते मजबूरी में बनते हैं… मगर वक्त उन्हें मोहब्बत में बदल देता है। - Chapter 182

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दादाजान कमरे में जाकर आराम करने लगे थे। अब उनके शरीर में इतनी ताक़त नहीं बची थी कि पूरे प्रोग्राम में बैठ सकें, लेकिन उन्हें सैफ और कहकशां के रिश्ते के पक्का होने की खबर मिल चुकी थ

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