Chapter 63
कुबूल है🍁🍁 <br> <br>सवालों और खामोशियों के बीच पनपती एक अनकही मोहब्बत की दास्तान - Chapter 63
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रात को सभी लोग अपनी-अपनी सोच में गुम थे। कबीर का स्ट्रेस दोनों लड़कियों को लेकर ही था। उसे साबिहा के लिए रियाज़ साहब का परिवार बिल्कुल पसंद था, मगर कुछ बातें थीं जो उसे क्लियर करनी