Chapter 162
कुबूल है🍁🍁 कुछ रिश्ते मजबूरी में बनते हैं… मगर वक्त उन्हें मोहब्बत में बदल देता है। - Chapter 164
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सगाई तो खत्म हो गई थी… मगर उसके साथ ही कुछ और भी खत्म हो गया था—हिना और कबीर का रिश्ता। उन चमकती रोशनियों के पीछे कई चेहरे अपने असली जज़्बात छुपाए बैठे थे। वकार मिर्ज़ा, शफगुफ्ता,