Write
Story Creator Story Creator Author
Chapter 168

कुबूल है🍁🍁 कुछ रिश्ते मजबूरी में बनते हैं… मगर वक्त उन्हें मोहब्बत में बदल देता है। - Chapter 170

Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.

कबीर घर पहुँच चुका था। उसके दादाजी की तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए वह उन्हें अस्पताल लेकर आया था। दादा जान के बीमार होने की खबर सुनते ही वकार मिर्जा भी अस्पताल पहुँच गए थे। “कैसे हैं अ

168 / 183