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Chapter 176

कुबूल है🍁🍁 कुछ रिश्ते मजबूरी में बनते हैं… मगर वक्त उन्हें मोहब्बत में बदल देता है। - Chapter 178

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शाम की महफ़िल सजी हुई थी। सिकंदर, तैमूर, अयान , गौतम और विक्रम—सब एक साथ बैठे थे, और मज़ाक का निशाना बना हुआ था कबीर। “मुझे तो लगा था हिना मानेगी ही नहीं… फिर भाई जान का क्या होता?

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