Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 11

म्हारी लाडली बहु - Chapter 11

वीर का प्रस्ताव सुनकर, वाणी एक पल के लिए शांत हो गई। वह अब भी वीर पर भरोसा नहीं कर पा रही थी, लेकिन उसकी आँखों में दिख रही दृढ़ता और उसकी आवाज़ में छिपी ईमानदारी, उसे मजबूर कर रही थी।

"मैं आपको एग्ज़ाम सेंटर तक छोड़ दूँगा। यह मेरी ज़िम्मेदारी है," वीर ने अपना वादा दोहराया। क्या आप सुन रही है मिस वाणी मैं सच कह रहा हु ।।

वाणी ने कुछ देर सोचा। उसके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। नानी के घर से इतनी सुबह कोई सवारी मिल पाना असंभव था, और वह स्कूटी नहीं चला सकती थी। उसके पैर मैं भी दर्द हो रहा था जोकि उसको है बोलने के लिए मजबूर कर रहा था ।।

"ठीक है," वाणी ने कठोरता से कहा। "लेकिन मुझे सुबह पाँच बजे निकलना होगा। और अगर आप देर करते हैं... तो याद रखिएगा, आप मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी गलती होंगे।"क्योंकि मेरी पूरी साल की मेहनत ख़राब हो जायेगी अगर आप टाइम से ना आ पाए तो ...

वीर ने सहमति में सिर हिलाया। "मैं ठीक समय पर आपके नानी के घर पहुँच जाऊँगा। मुझे पता बता दीजिए।"

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
0 likes 0 comments
Next Chapter →
11 / 11
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.