Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

← Back to Explore
म्हारी लाडली बहु
Romance

म्हारी लाडली बहु

By Neha Hooda Ongoing
0.0 Total rating
15 Views
0 Likes
3 Bookmarks
0 Ratings
Read Now
लाडली बहू' (भाग-1) का संक्षिप्त विवरण
बीरबलपुर की ऐतिहासिक हवेली के इर्द-गिर्द बुनी गई...विश्वासघात, संघर्ष की एक झकझोर देने वाली दास्तान है।कहानी की मुख्य नायिका, वाणी, एक सीधी-सादी और नेक दिल लड़की है, जिसकी शादी बीरबलपुर के रसूखदार और स्वाभिमानी जमींदा...
Chapter 11
Words 12.7K
Updated 8 hrs ago
Published Jun 18, 2026
Published Chapters
1
म्हारी लाडली बहु - Chapter 1 Free
Jun 18, 2026 4 Read
2
म्हारी लाडली बहु - Chapter 2 Free
Jun 18, 2026 1 Read
3
म्हारी लाडली बहु - Chapter 3 Free
Jun 18, 2026 1 Read
4
म्हारी लाडली बहु - Chapter 4 Free
Jun 18, 2026 1 Read
5
म्हारी लाडली बहु - Chapter 5 Free
Jun 18, 2026 2 Read
6
म्हारी लाडली बहु - Chapter 6 Premium
Jun 18, 2026 2 Locked
7
म्हारी लाडली बहु - Chapter 7 Premium
Jun 18, 2026 1 Locked
8
म्हारी लाडली बहु - Chapter 8 Premium
Jun 19, 2026 1 Locked
9
म्हारी लाडली बहु - Chapter 9 Premium
Jun 19, 2026 1 Locked
10
म्हारी लाडली बहु - Chapter 10 Premium
Jun 19, 2026 1 Locked
11
म्हारी लाडली बहु - Chapter 11 Premium
Jun 19, 2026 1 Locked
लाडली बहू' (भाग-1) का संक्षिप्त विवरण
बीरबलपुर की ऐतिहासिक हवेली के इर्द-गिर्द बुनी गई...विश्वासघात, संघर्ष की एक झकझोर देने वाली दास्तान है।कहानी की मुख्य नायिका, वाणी, एक सीधी-सादी और नेक दिल लड़की है, जिसकी शादी बीरबलपुर के रसूखदार और स्वाभिमानी जमींदार वीर प्रताप सिंह चौधरी से होती है। वीर अपनी पत्नी वाणी से बेपनाह मोहब्बत करता है। हवेली की खुशियाँ वीर की पुरानी दुश्मन तान्या, करण और घर के कुछ लालची रिश्तेदारों (प्रीतो चाची और विक्रम) को हजम नहीं होतीं। वे सब मिलकर वाणी की 'गोद-भराई' के दिन एक खौफनाक साज़िश रचते हैं। एक हिडन कैमरे (गुप्त कैमरे) के जरिए वाणी को चरित्रहीन और बेवफा साबित कर दिया जाता है। सबूतों के जाल में फँसकर वीर का अंधा गुस्सा फूट पड़ता है। वह अपने प्यार को भूलकर, बिना सच्चाई जाने, गर्भवती वाणी पर शक करता है और उसे भरी रात में ज़लील करके हवेली से बाहर निकाल देता है। बेघर होने के बाद भी वाणी हार नहीं मानती। वह अपने स्वाभिमान को ढाल बनाकर अपने बेटे **आरुष** को जन्म देती है, अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करती है और एक मज़बूत महिला बनकर उभरती है। अंत में, उस गुप्त कैमरे की असली रिकॉर्डिंग सबके सामने आ जाती है, जिससे तान्या और उसके गैंग का पर्दाफाश हो जाता है। वीर को अपने किए पर गहरा पछतावा होता है। वह रोकर वाणी से माफ़ी माँगता है। वाणी अपने बेटे के हक़ के लिए हवेली लौटती है और धीरे-धीरे वीर का पश्चाताप देखकर उसे माफ़ कर देती है।
भाग-1 का अंत तान्या गैंग की गिरफ्तारी, वीर-वाणी के पुनर्मिलन और उनके बेटे आरुष के स्कूल जाने के एक खुशहाल मोड़ के साथ होता है।
Overall Rating 0.0 0 ratings from readers
5 star 0%
4 star 0%
3 star 0%
2 star 0%
1 star 0%
Share your thoughts Rate this story after reading a chapter.
★★★★★
No ratings yet.
No comments yet.
Neha Hooda 1 Followers
Follow

Full time student part time writer🤪

Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.