Chapter 6
म्हारी लाडली बहु - Chapter 6
🛣️ बीरबलपुर की सीमा
रामपुर से ठाकुर हवेली तक पहुँचने के लिए, उन्हें बीरबलपुर गाँव की सीमा से होकर गुज़रना पड़ता था। यह रास्ता दोनों परिवारों के लिए हमेशा ही एक कड़वी गोली निगलने जैसा था।
जीप जैसे ही बीरबलपुर की कच्ची-पक्की सड़कों पर पहुँची, सज्जन सिंह का चेहरा फिर से कठोर हो गया। उन्होंने अपने चहरे पर एक नफ़रत भरी, अधिकारपूर्ण ठसक ले ली।
बीरबलपुर के लोग, जो अभी भी वीर के आने की खुशी में थे, उन्होंने ठाकुर परिवार की जीप को देखा और तुरंत ही उनके चेहरे से खुशी गायब हो गई।
पुरानी नफ़रत की रस्म शुरू हो गई:
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