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Chapter 231

जूनुनि प्यार कि दास्तां - Chapter 231

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रूपाली के वार्ड में हल्की-हल्की मशीनों की बीप की आवाज़ गूंज रही थी। कमरे में एक अजीब-सी खामोशी थी… ऐसी खामोशी, जो दिल को और भारी कर दे। मधुर रूपाली के बेड के पास बैठा था। उसका हाथ

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