Chapter 86
जूनुनि प्यार कि दास्तां - Chapter 86
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आधी रात का समय था। आदिल बाइक से उतरकर घर की ओर लड़खड़ाते कदमों से बढ़ा। उसके हाथ में शराब की बोतल थी, और आंखों में थकावट नहीं, जंग थी—अपने दिल की, अपनी चाहत की, अपनी हार की। आज सुब