Chapter 14
जूनुनि प्यार कि दास्तां - Chapter 14
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घड़ी ने नौ बजाए ही थे कि माधवन का फ़ोन आया। > **“आज देर तक फाइलें सँभालनी हैं, शायद रात यहीं हूँ… तुम इंतज़ार मत करना।”** आवाज़ में वह चिर‑परिचित थकान नहीं, **किसी और दुनिया की