Chapter 144
जूनुनि प्यार कि दास्तां - Chapter 144 ( ऐसे मत पकड़ो ये नाजुक हैं आह्ह्हृ... )
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रोहित गुस्से में रूही को लेकर घर पहुंचा। घर पर कोई नहीं था। जैसे ही दरवाज़ा खुला, रूही बिना कुछ बोले सीधी अपने कमरे की तरफ बढ़ने लगी। आंखों से बहते आंसू उसकी बेबसी बयान कर रहे थे।