जूनुनि प्यार कि दास्तां Ch. 1

जूनुनि प्यार कि दास्तां - Chapter 1 (आह्ह्हृ ... और अंदर)

Posted by Moon Star • Jul 02, 2025 09:58 AM

Chapter 1

इंदौर, रात 10 बजे , एक सेक्सी काले रंग की नाइटी में लिपटी एक लड़की ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ी थी। उसकी नीली आंखें आईने में खुद को निहार रही थीं आज वो खुद को किसी फैंटेसी नॉवेल की हीरोइन से कम नहीं समझ रही थी। उसके लम्बे और घने बाल खुले हुए थे, होठों पर हल्की सी रेड वाइन लिपस्टिक, और आंखों में काजल की गहराई। बिस्तर पर गुलाब की पंखुड़ियाँ बिखरी पड़ी थीं, जैसे आज की रात के लिए सजाया गया कोई ख्वाब।

तभी कमरे का दरवाज़ा खुलता है अंदर एक लंबा, अच्छी बॉडी वाला, हल्की दाढ़ी वाला आदमी दाखिल होता है, हल्की मुस्कान और गहरी नज़र के साथ। वो धीरे से पीछे से उस लड़की को पीछे से बांहों में भर कर मदहोश भरी आवाज़ में बोला, "शगुन डार्लिंग…आज रात मैं तुम्हें छोड़ने वाला नहीं हूँ। आज तुम्हें बहुत सताने वाला हूं, "

शगुन की सांसें तेज हो गई। उसकी आंखें अपने आप बंद हो गई , जैसे यही पल उसकी चाहत का था। "तो किसने कहा तुम्हें छोड़ने को?" शगुन मुस्कुरा कर जवाब देती है, "मैं खुद चाहती हूँ, आज तुम मुझे तोड़ दो…" उस आदमी का एक हाथ शगुन के पेट से नीचे की ओर फिसल रहा था, शगुन उस आदमी के हाथ को अपनी लोअर बाॅडी पर महसूस करके गहरी सांसें लेने लगती हैं|

शगुन के चेहरे के एक्सप्रेशन देखकर वो आदमी को सफा पता चल रहा था, शगुन ये सब एंजॉय कर रही हैं, शगुन गहरी सांसें लेते हुए बोली,"म.... माधवन, अह्ह्ह्ह..." माधवन शगुन का पति, और इनकी शादी को छे महीने ही हुए थे|

माधवन शगुन की कमर को और कस कर पकड़ लेता है, और शगुन को गोद में उठा लेता है। माधवन ने शरारती मुस्कान के साथ कहा, "अब ज्यादा बोलना मत… सीधे बेड पर ले चलता हूँ," शगुन उसके सीने से सटी हुई थी। गुलाब की पंखुड़ियों के बीच माधवन उसे लेटाता है और उसकी गर्दन पर होठ रख देता है।

उसका स्पर्श गर्म था, होठ नर्म। शगुन के बदन में कंपकंपी सी दौड़ गई। माधवन शगुन के पैर पर किस करते हुए ऊपर की ओर बढ़ रहा था, शगुन अपनी मुट्ठी में गुलाब की पंखुड़ियों को भर कर मदहोश भरी आवाज़ में बोली," माधवन प्लीज़ ऐसे मत तड़पाओ," माधवन तिरछी मुस्कान मुस्कुराते हुए, उसके थाई पर किस करते हुए आता हैं, और ऊपर आ जाता हैं|

माधवन एक पल ठहर कर शगुन का खूबसूरत बदन देखता हैं , शगुन उस ब्लैक नाइटी में बहुत ही हाॅट एंड सेक्सी लग रही थी , माधवन का अब खुद पर कंट्रोल नहीं रहा, और उसने शगुन की नाइटी फाड़ कर उसके बदन से अलग कर दी, और शगुन की मीठी मदहोश भरी चीख कमरे में गूंज गई|

इस पल शगुन माधवन के सामने अपनी ब्लैक कलर की नेट वाली इनवायर में थी , जो पहना ना पहना, एक बराबर था, माधवन के होंठों पर तिरछी मुस्कान आ गई, उसने शगुन के कान में गर्म सांसें छोड़ते हुए बोला," शगुन डार्लिंग, you look ब्यूटीफुल," शगुन गहरी सांसें ले रही थी , जिसके कारण उसके उभार ऊपर नीचे हो रही थी , जो माधवन को अपनी ओर अट्रैक्ट कर रहे थे , माधवन शगुन को इंटेंस नज़रों से देखा रहा था, और अगले ही पल माधवन शगुन के कांपते होठों को दिवानों की तरह चूमने लगता हैं  |

 माधवन के हाथ लगातार शगुन की खूबसूरत बदन पर चल रहे थे , वही शगुन के हाथ माधवन के बालों में चल रहे थे , माधवन शगुन को डिप किस कर रहा था , वही 25 मिनट की लम्बी किस के बाद माधवन शगुन के होंठों को छोड़ कर,उसकी गर्दन पर किस और बाइट करने लगता हैं, वही शगुन लम्बी - लम्बी सांसे ले रही थी , तो दूसरी ओर माधवन उसके उभारो पर बाइट कर रहा था, शगुन सेक्सुअल वॉइस में माधवन से बोली "जानूं अह्ह्ह्ह..... प्लीज़ बाइट मत.... आईईईई....करो"

शगुन की बात सुनकर माधवन अपनी गर्म सांसें उसकी गर्दन पर छोड़ते हुए बोला ," डार्लिंग ,ये स्वीट टॉर्चर तो अब तुम्हें पुरी रात झेलना ही पड़ेगा " माधवन शगुन के कोलर बोन पर किस और बाइट करते हुए , उसके उभार की ओर बढ़ गया , माधवन शगुन के उभारों को प्रेस करता हैं , जिससे शगुन की लगातार अह्ह्ह्ह... निकल रही थी ,  फिर माधवन शगुन को पलट कर उसकी गोरी पीठ पर किस और बाइट करते हुए नीचे की और बढ़ रहा था , शगुन की सिसकियां पुरे कमरे में गूंज रही थी, माधवन शगुन को अच्छे ही पलटता हैं, शगुन आहे भरते हुए बोली," बस अब और मत तड़पाओ, मुझ में समा कर , मुझे तोड़ दो"

माधवन तिरछी नज़र से शगुन की लोअर बाॅडी को देखकर डेविड स्माइल करते हुए बोला, " तड़प के बाद ही तो प्यार का असली मज़ा हैं ," और उसके बाद माधवन जैसे ही शगुन की सॉफ्टनेस पर अपने होंठ रखता हैं| तभी…"ट्रिन ट्रिन… ट्रिन ट्रिन…"

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