Chapter 166
जूनुनि प्यार कि दास्तां - Chapter 166
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रूपाली ने बिना पीछे देखे जवाब दिया,"तो ओर पास आओ ना… जलाओ इसे, जैसे हर बार जलाते हो…" मधुर ने उसका कमर से पकड़कर उसे खुद की तरफ खींच लिया , अब मधुर की चेस्ट रूपाली के उभा