Chapter 118
वाणी-आलोक/ दूरिया...- Chapter 119
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
अर्जुन ने अनमने ढंग से सिर हिलाया, “मैं...ना... पर...” आलोक ने भी कहा, “हाँ अर्जुन, तूम घर जा। हम हैं ना।” वाणी ने आगे बढ़ कर कहा, चेहरे पर चिंता और प्यार था, “भैया, आप को सुबह पाँ