Chapter 8
सगाई - Chapter 8
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विवेक :- झुंझलाते हुए क्यों क्या हुआ अर्जुन :- सब लोग तुझे ही देख रहे हैं थोड़ा तो सब्र रखती रही होने वाली है कुछ पल का इंतजार थोड़ी देर में पंडित जी आया सभी ने पंडित जी को प्रणाम