Chapter 44
शादी की तैयार Chapter 45
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सुबह का वक़्त था। कोठारी हाउस के बड़े डाइनिंग हॉल में रौनक थी। टेबल पर गरमा-गरम पराठों की खुशबू फैल रही थी। चाय की प्यालियाँ भाप छोड़ रही थीं और सबकी बातें–हँसी से हॉल भरा हुआ था।