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Chapter 114

प्रार्थना, गुस्सा, ताने,जलान - Chapter 115

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सुबह का उजाला पूरे घर में फैल चुका था, लेकिन कृष्णा कुंज के भीतर आज रौशनी के साथ-साथ एक भारी-सी चुप्पी भी थी। आज आरजू की सर्जरी थी। घर के हर कोने में अगरबत्ती की खुशबू थी, मंदिर के

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