Chapter 78
🌙 “जब रूठे दिल को गीत ने छुआ” Chapter 79
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विनीता जी से बात करने के बाद आरजू का मन जैसे किसी ने हल्का कर दिया था। माँ की बातें उसके दिल में उतर गई थीं — “अब डरना नहीं है, अब जीना है… अर्जुन जी के साथ, उसके लिए मेरे लिए नहीं