Chapter 113
वो अजीब नज़रें- Chapter 114
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
अर्जुन आरजू के बिस्तर के पास बैठा था। आरजू की दवाई खत्म हुई ही थी कि तभी दरवाज़ा धीरे से खुला। डॉक्टर शीतल अंदर आई। उस के चेहरे पर अजीब-सी नज़रें थीं – जैसे कुछ समझने की कोशिश कर र