Chapter 83
ज़िंदगी: सफर तकरार से प्यार तक का - Chapter 83
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"क्या हुआ?? क्या सोच कर इस तरह से मुस्कुराया जा रहा है??" अर्जुन ने जब साहिर को अपने आप में इस तरह से मुस्कुराते हुए देखा, तो पूछा। "बताता हूं," साहिर ने कहा। साहिर के मुंह से 'बता