Chapter 64
ज़िंदगी: सफर तकरार से प्यार तक का - Chapter 64
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"यह क्या हो गया??" प्रेम को देखते ही जितेंद्र जी ने बड़े दुख से कहा। "हो क्या गया!! जो भी हुआ... बहुत अच्छा हुआ.... मेरी तो बरसों की तमन्ना पूरी हो गई... भाई सा की अंतिम इच्छा पूरी