Chapter 53
ज़िंदगी: सफर तकरार से प्यार तक का - Chapter 53
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"यह सब तो मैंने सोचा ही नहीं था....." जिंदगी के मुंह से अनायास ही निकला। सच तो यही था कि जिंदगी ने यही सोचकर शादी का फैसला लिया था कि अब उसे अपनी जिंदगी अपनी मनमर्जी से जीने के लिए