Chapter 44
ज़िंदगी: सफर तकरार से प्यार तक का - Chapter 44
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जिंदगी की फालतू बातों को सुनकर जितेंद्र जी का गुस्सा अपने सब्र की हद को तोड़ गया। उन्होंने फिर से जिंदगी को मारने के लिए अपना हाथ उठा दिया। तभी सामने आकर साहिर ने उनका हाथ पकड़ लिय