Chapter 167
इनायत संभालो खुद को।”
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अपने दिल में अपनी मां को याद करते हुए इनायत ने अपने आंसू पोछे और वापस वार्ड के अंदर आ जाती है। जहां उसकी मां अभी भी बेहोशी की हालत में थी । लेकिन चाची जाग गई थी। दो दिन हो गए थे ।