Chapter 160
बहारों फूल बरसाओ, मेरा महबूब आया है
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इनायत बाकी सब के साथ डाइनिंग टेबल पर बैठी हुई थी । उस के ठीक सामने अहमद अपनी होने वाली मंगेतर शायरा को ले कर बैठा हुआ था। इनायत देखती है, शायरा का चेहरा कुछ घबराहट से भरा हुआ है ।