Chapter 132
इनायत रियाज़ की कैद में
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इनायत एक सांस में और पागलों की तरह उससे कह रही थी। उसके चेहरे पर डर और घबराहट साफ झलक रहा था। और उसके हाथों की उंगलियां भी कांप रही थी । जिससे वह बहुत मुश्किल से जिब्रान से यह कह र