Chapter 67
फार्मेसी डॉक्टर बनने के सारे सपने टूट गए
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“ अगर भाई परमिशन दे , तो भाभी कॉलेज ज्वाइन कर सकती है ।” जैसे ही मुराद ने यह कहा सब की नजरे मुराद के ऊपर थी। लेकिन इनायत की नजरों में इस वक्त मायूसी नजर आ रही थी। बस अब यही रह गया