Chapter 115
वह सिर्फ डेमो था।
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
मुराद की लास्ट लाइन सुन कर इनायत के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है । और उसे मुस्कुराता हुआ देख मुराद भी मुस्कुरा देता है। इनायत मुस्कुराते हुए कहती है, “ सॉरी मुराद मुझे तुम्हें इन सब