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Chapter 118

शौहर हूं तुम्हारा । हक है मेरा तुम पर।”

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वह पानी के गिलास को सिंक में डालकर वापस जाने ही वाली थी, कि तभी अचानक से रियाज़ उसके सामने आ जाता है। उसे अपने सामने देखकर इनायत घबरा जाती है । और बिल्कुल काउंटर से लग जाती है । रि

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