Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 9

My love , My professor - Chapter 9

अब एक हफ़्ते बाद, आने वाले दिन राज और दिया के लिए घुटन भरे थे। हर नज़र जो गलियारे में उन पर पड़ती, हर कानाफ़ूसी जो दीवारों के पार सुनाई देती, उनके दिलों में एक छुपा हुआ दर्द बन गई थी। बाहर की दुनिया उन्हें संदेह की नज़र से देख रही थी, और हर दिन जैसे उन पर और भारी पड़ रहा था।

राज ने खुद को क्लास में बेहद पेशेवर बना लिया था। उनकी पढ़ाने की शैली, जो कभी छात्रों को मंत्रमुग्ध कर देती थी, अब मशीन जैसी लगने लगी थी। उनकी नज़रें जान-बूझकर दिया से बचतीं, लेकिन अंदर यह दूरी उन्हें बुरी तरह तोड़ रही थी।

दूसरी तरफ, दिया के लिए सब सामान्य बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा था। सहपाठियों की फुसफुसाहट अब सीधे तानों में बदल चुकी थी।

"क्या देखा तुमने आज? प्रोफेसर राज ने उसे देख तक नहीं?"

"शायद लड़ाई हो गई होगी।"

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
9 / 24
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.